केकेएम कॉलेज में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार , कार्यशाला एवं मुशायरा का हुआ आयोजन
केकेएम कॉलेज में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, कार्यशाला एवं मुशायरा का हुआ आयोजन *गंगा जमुनी संस्कृति की पहचान है उर्दू भाषा : राकेश। *उर्दू भाषा हिंदी भाषा की छोटी बहन है : एसपी। सिटी ब्यूरो रिपोर्ट जमुई : राजीव रंजन संवाद : डॉ० निरजंन कुमार उर्दू निदेशालय मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग बिहार पटना के निर्देश पर जिला प्रशासन ने शनिवार को स्थानीय केकेएम कॉलेज के प्रशाल में फरोग-ए-उर्दू : सेमिनार, कार्यशाला एवं मुशायरा का आयोजन किया। जिला कलेक्टर राकेश कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि उर्दू तहजीब की भाषा है। यह गंगा जमुनी संस्कृति की पहचान है। इस भाषा को बिहार में दूसरी सरकारी भाषा होने का गौरव प्राप्त है। इस स्थिति में हम सभी का दायित्व है कि उर्दू सीखने व सिखाने के लिए आगे आएं। उर्दू वह भाषा है जो हमारी संस्कृति से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि भाषा कोई भी हो, इसे किसी सीमा या धर्म के आईने से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने सराहनीय आयोजन के लिए आयोजक की तारीफ की। पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने उर्दू के इतिहास को परिभ...