विधि विधान एवं वैदिक रीति से हुई मां लक्खी पूजा
विधि विधान एवं वैदिक रीति से हुई मां लक्खी की पूजा
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट जमुई
चकाई प्रखंड के बटपार गांव स्थित मां लक्खी मंदिर में अश्विन पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष होने वाले मां लक्खी की पूजा अर्चना की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। वहीं शनिवार देर रात्रि को पूरे विधि विधान एवं वैदिक रीति रिवाज के अनुसार रात्रि 12 बजे के आसपास मां लक्खी की प्रतिमा को मन्दिर की पिंडी पर बिठाया गया । इसके उपरांत मां के प्रतिमा में प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन एवं पूजा अर्चना हेतु मन्दिर का पट खोल दिया जाएगा। ये जानकारी मन्दिर के पूजा समिति के सदस्यों ने दी।
इस मौके पर दो दिवसीय यानि पूर्णिमा एवं आश्विन पैरवा तिथि को मन्दिर प्रांगण में भव्य मेला लगता है। इस मौके पर केवल बिहार ही नहीं झारखंड से भी बड़ी मात्रा में श्रद्धालु मां लक्खी के दर्शन एवं पूजा अर्चना करने यहां हर वर्ष आते हैं। मेले में लोगों एवं बच्चों के आकर्षण हेतु तरह तरह के खेल एवं मनोरंजन के साधन होते हैं। जैसे तारामाची, झूला, कठघोड़वा, कठपुतली का नाच, ब्रेक डांस आदि का श्रद्धालु जम कर आनंद उठाते है। जानकार लोग बताते हैं कि बटपार में लगभग 100 वर्ष पूर्व लक्खी मंदिर की स्थापना हुई थी तब से लगातार आश्विन पूर्णिमा को मां की प्रतिमा को मन्दिर में स्थापित कर पूजा अर्चना की जा रही है।

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