भगवान श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर ही कुल देवी देवता स्थापित
भगवान श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर ही कुल देवी देवता स्थापित
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू
जमुई : सोमवार को पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी विक्रम संवत 2080 तदनुसार 22 जनवरी, 2024 का दिन 21वीं सदी का सर्वाधिक प्रसिद्धि और महत्वपूर्ण दिन रहा।
यह दिन महत्वपूर्ण इसलिए रहा, क्योंकि यह दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम 500 वर्षों तक टेंट में रहने के पश्चात उनको उत्तर प्रदेश के धर्म नगरी अयोध्या में नव निर्मित भव्य मंदिर में पुनः वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्राण प्रतिष्ठा किया गया। इस पवित्र कार्य सम्पादित होने से भारतवासियों का वह घोषवाक्य सच साबित हो गया कि " राम लला हम आयेंगे, मंदिर वहीं बनायेंगे। " साथ ही उसका भी उत्तर है, जो कहते थे कि, पर तारीख़ नहीं बतायेंगे।इस पावन अवसर पर जमुई नगर परिषद् के अंतर्गत जयशंकर नगर के वीणा आवास में प्रो0 रामजीवन साहु ने भी अपने कुल देवी और देवता का पूर्व से निर्मित पूजा स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चारण और ढोल बाजे के साथ स्थापित किया। देवी देवता प्रसन्नचित्त मुद्रा में स्थापित हों, इसके लिए पाँच दिनों से महिलाओं द्वारा देवी गीत गाई जा रही थी।



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