प्राण-प्रतिष्ठा के साथ हुई धन की देवी महालक्ष्मी की पूजा
प्राण-प्रतिष्ठा के साथ हुई धन की देवी महालक्ष्मी की पूजा
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट गिद्धौर/जमुई
धन वैभव की देवी महालक्ष्मी की पूजा गिद्धौर प्रखंड के अंतर्गत उलाई नदी तट पर स्थित दुर्गा मंदिर के परिसर में दुर्गा पूजा के उपरांत धन आश्विन शुक्ल पूर्णिमा तिथि के संध्या प्रतिमा स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा करके पूरे विधि विधान एवं नेम निष्ठा के साथ यहां सदियों से कराई जाती है। गिद्धौर के ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर के प्रांगण में धन वैभव की देवी मां महालक्ष्मी की पूजा को लेकर सारी तैयारियां पूर्ण कर प्राण प्रतिष्ठा स्थापित कर पूजा शूरू की गई है।
जानकारी के अनुसार गिद्धौर चंदेल राजवंश द्वारा सदियों से दुर्गा पूजा उपरांत आश्विन शुक्ल पूर्णिमा तिथि की संध्या बेला में धन, वैभव, यश कृति की देवी मां लक्ष्मी की पूजा प्रतिमा स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा कर देवघर के विद्धान पंडितों द्वारा पूरे विधि विधान व नेम निष्ठा के साथ कराने की परंपरा यहां सदियों से चली आ रही है। बतातें चले कि बंगाल राज्य में जिस तरह मां लख्खी की पूजा कराई जा रही है।
उसी प्रकार गिद्धौर चंदेल राजवंश के शासकों द्वारा अपने राज्य के आम अवाम के सुख समृद्धि के लिए बंगाल के इस पूजा का हिन्दी रूपांतरण मां लक्खी की पूजा सदियों से गिद्धौर दुर्गा मंदिर में कराई जा रही है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में स्थापित लक्ष्मी मां की जो भक्त सच्चे हदय से पूजा अर्चना करता है। उनकी झोली मां धन धान्य से भर देती है। इस बार भी दुर्गा मंदिर में मां लक्ष्मी की प्रतिमा आश्विन शुक्ल पूर्णिमा शनिवार के दिन प्राण प्रतिष्ठा कर पूजन प्रारंभ की गई। दुर्गा पूजा से लेकर महालक्ष्मी पूजा तक आम अवाम के लिए यहां भव्य मेला निरंतर जारी है। वहीं क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु भक्त मां के दर्शन के लिए यहां ललायित रहते हैं।
%20(22).jpeg)
Comments
Post a Comment